धराली आपदा के मलबे में दबे कल्प केदार मंदिर की तलाश शुरू, नवरात्रि पर ग्रामीणों ने की खुदाई

Share This Article:

समेश्वर देवता की देवडोली के सानिध्य में पूजा के बाद अभियान शुरू, करीब 25 फीट नीचे दबे होने का अनुमान; मंदिर मिलने पर जीर्णोद्धार की तैयारी

धराली (उत्तरकाशी)। पिछले वर्ष अगस्त में आई विनाशकारी आपदा के बाद मलबे में दबे प्राचीन कल्प केदार मंदिर को खोजने के लिए ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रयास शुरू कर दिए हैं। नवरात्रि के पहले दिन रविवार को गांव के आराध्य समेश्वर देवता की देवडोली के सानिध्य में विधिविधान से पूजा-अर्चना और हवन किया गया। इसके बाद मंदिर को मलबे से बाहर निकालने के लिए खुदाई शुरू की गई। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर करीब 25 फीट नीचे दबा हो सकता है।

कल्प केदार मंदिर धराली की धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। आपदा के दौरान भारी मात्रा में मलबा आने से मंदिर दब गया था। अब ग्रामीण सामूहिक प्रयासों से उसके अवशेष खोजने और आगे जीर्णोद्धार का रास्ता तैयार करने में जुटे हैं।

पूजा के बाद शुरू हुआ खुदाई अभियान

नवरात्रि के पहले दिन निर्धारित स्थल पर ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर अभियान की शुरुआत की। मंदिर समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, खुदाई का समय समेश्वर देवता की देवडोली के सानिध्य में तय किया गया। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर के अवशेष मिलने के बाद उसके संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए आगे की योजना बनाई जाएगी।

कई आपदाओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

मंदिर समिति के सदस्य संजय पंवार के अनुसार, बुजुर्गों से मिली जानकारी में कल्प केदार मंदिर का इतिहास कई प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ा बताया जाता है। उनके मुताबिक, वर्ष 1803 में आई आपदा के दौरान बाढ़ में मंदिर बह गया था। उस समय क्षेत्र में करीब 204 मंदिरों का समूह होने की बात कही जाती है। इसके बाद वर्ष 1887 में यहां तीन मंदिर दिखाई देने का उल्लेख मिलता है।

संजय पंवार ने बताया कि वर्ष 1926 में आई एक अन्य आपदा के दौरान मुख्य कल्प केदार मंदिर का बड़ा हिस्सा जमीन में दब गया था, जबकि आसपास के छोटे मंदिर बह गए थे। बाद में ग्रामीणों ने खुदाई कर मुख्य मंदिर को बाहर निकाला था।

करीब सौ साल बाद फिर मलबे में दबा मंदिर

ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 1926 के बाद अब एक बार फिर प्राकृतिक आपदा ने मंदिर को मलबे में दबा दिया है। पिछले वर्ष अगस्त में धराली में आई आपदा के बाद मंदिर की तलाश के लिए खुदाई शुरू की गई है। मंदिर समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि इतिहास में यह चौथी बार है, जब आपदा के बाद मंदिर को खोजने के लिए खुदाई की जा रही है।

विरासत बचाने की उम्मीद

आपदा के बाद धराली में जनजीवन सामान्य करने और पुनर्वास की चुनौतियों के बीच ग्रामीणों ने प्राचीन मंदिर को फिर से खोजने का संकल्प लिया है। उनके लिए यह अभियान केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा प्रयास नहीं, बल्कि अपनी पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की कोशिश भी है।

अब ग्रामीणों की नजर खुदाई के दौरान मंदिर के अवशेष मिलने पर टिकी है। इसके बाद संरक्षण और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। ग्रामीणों को आशा है कि सामुदायिक प्रयासों के साथ आवश्यक प्रशासनिक सहयोग मिलने पर कल्प केदार मंदिर को फिर से संरक्षित किया जा सकेगा।

Tags :

ekamvani2023@gmail.com

ekamvani2023@gmail.com http://ekamvani.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Subscribe To Our Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

[contact-form-7 id="b565394" title="Untitled"]

Categories

About Us

हम एकमवाणी में देश-विदेश और राज्य की सभी बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों को जिम्मेदारी  से 2018 से पाठको की विस्वसनीयता से प्रसारित कर रहे है .