12 साल बाद लौटा मसूरी शरदोत्सव, संस्कृति के रंगों से सजा मालरोड

Share This Article:

बारिश के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, गांधी-इंद्रमणि बडोनी की झांकी रही आकर्षण का केंद्र; 80 फीसदी अवसर स्थानीय कलाकारों को

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में करीब 12 साल के लंबे अंतराल के बाद शरदोत्सव की परंपरा फिर जीवंत हो उठी। मंगलवार को सर्वे मैदान से निकली भव्य शोभायात्रा ने मालरोड को देश की विविध लोक संस्कृतियों के रंगों से सराबोर कर दिया। लगातार बारिश के बावजूद कलाकारों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों का उत्साह देखते ही बना।

शोभायात्रा सर्वे मैदान से शुरू होकर मालरोड होते हुए गांधी चौक पहुंची। इसमें विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक परिधानों में लोकनृत्य, लोकसंगीत और लोककलाओं की प्रस्तुतियां दीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने शोभायात्रा में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मार्ग में बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए जुटे।

गांधी और इंद्रमणि बडोनी की झांकी ने खींचा ध्यान

शोभायात्रा में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाने वाली कई झांकियां शामिल रहीं। महात्मा गांधी और उत्तराखंड के जननायक इंद्रमणि बडोनी के जीवन, विचारों और योगदान पर आधारित झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

झांकी के जरिए उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ जनआंदोलनों के इतिहास को भी प्रदर्शित किया गया। लोगों ने झांकियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।

खराब मौसम के कारण सीएम का दौरा रद्द

शरदोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के शामिल होने का कार्यक्रम था। हालांकि, मसूरी में खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के चलते मुख्यमंत्री का दौरा रद्द करना पड़ा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने से आयोजकों और स्थानीय लोगों में कुछ मायूसी जरूर रही, लेकिन सांस्कृतिक आयोजन का उत्साह बरकरार रहा।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने संयुक्त रूप से शरदोत्सव का शुभारंभ किया।

स्थानीय कलाकारों को दिया गया प्राथमिकता

लंबे समय बाद शुरू किए गए इस आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष महत्व दिया गया है। पालिका प्रशासन के अनुसार शरदोत्सव में करीब 80 प्रतिशत अवसर स्थानीय कलाकारों को दिए गए हैं। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोककला और स्थानीय विरासत के साथ पहाड़ी व्यंजनों को भी उत्सव में प्रमुख स्थान दिया गया है।

इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे कलाकार अपनी-अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इससे पर्यटकों को एक ही मंच पर उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति देखने का अवसर मिल रहा है।

पांच दिन तक चलेगा सांस्कृतिक उत्सव

पांच दिवसीय शरदोत्सव में सांस्कृतिक, मनोरंजक और लोककला से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कलाकारों के साथ दूसरे राज्यों से आए कलाकार भी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों का उद्देश्य शरदोत्सव को मसूरी की सांस्कृतिक पहचान के साथ पर्यटन से जोड़ना है।

उत्सव के दौरान फूड फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहाड़ी पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके जरिए स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

‘स्थानीय संस्कृति और कलाकारों को मिले व्यापक पहचान’

मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि 12 साल बाद शरदोत्सव की वापसी शहर के लिए विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, संस्कृति और पहाड़ी उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि शरदोत्सव मसूरी की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे लोगों को उत्तराखंड की संस्कृति के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की लोक परंपराओं से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा।

बारिश के बीच निकली शोभायात्रा ने यह साबित कर दिया कि मौसम की चुनौती भी मसूरी के लोगों और कलाकारों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। लंबे अंतराल के बाद लौटे शरदोत्सव ने एक बार फिर मसूरी को कला, संस्कृति, लोक परंपरा और पर्यटन के रंग में रंग दिया।

Tags :

ekamvani2023@gmail.com

ekamvani2023@gmail.com http://ekamvani.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Subscribe To Our Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

[contact-form-7 id="b565394" title="Untitled"]

Categories

About Us

हम एकमवाणी में देश-विदेश और राज्य की सभी बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों को जिम्मेदारी  से 2018 से पाठको की विस्वसनीयता से प्रसारित कर रहे है .