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आखिरी मिनटों में दो गोलकर जर्मनी ने भारत को 2-1 से हराया

रॉटरडैम: विश्व चैंपियन जर्मनी ने शुक्रवार को आखिरी मिनटों में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दाग कर भारत को एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के मुकाले में 2-1 से हरा दिया। जर्मनी के लिए जस्टस वेइगैंड (56वें मिनट) और जैकब ब्रिला (60वें मिनट) में गोल कर अपनी टीम जीत दिलाई। इससे पहले, जुगराज सिंह ने अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत (जो हॉकी रैंकिंग में आठवें स्थान पर है) को तीसरे क्वार्टर में बढ़त दिलाई थी। मौजूदा एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नौ टीमों में से भारत आठवें स्थान पर है। उसने 11 मैचों में से सिर्फ एक मैच जीता है। एक और मैच शूटआउट के बाद भारत के पक्ष में रहा, तीन मैच ड्रॉ रहे और बाकी सात में हार मिली।
शुक्रवार को भारतीय हॉकी टीम ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ़ गेम पर अपना कंट्रोल बनाए रखा। एक अनुशासित डिफेंसिव स्ट्रक्चर ने जर्मनी को अटैकिंग एरिया में जगह नहीं दी, जिससे शुरुआती क्वार्टर में उनके मौके सीमित रहे। भारत ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक ‘दबाव’ के साथ खेल की गति बढ़ाई, जिससे जर्मनी ने कई गलतियां कीं। एक बेहतरीन मूव के बाद अभिषेक गोल करने के सबसे करीब पहुंचे, लेकिन भारत पहले हाफ में मिले अपने सबसे अच्छे मौके को गोल में नहीं बदल सका। कड़े मुकाबले और गोल करने के कम मौकों के बीच, भारत को आखिरकार 38वें मिनट में सफलता मिली। मैच का अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिलने के बाद, जुगराज सिंह ने एक जबरदस्त ड्रैग-फ्लिक से गोल किया और शानदार अंदाज में अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच का जश्न मनाया।
जर्मनी ने तीसरे क्वार्टर के आखिर में कुछ पेनल्टी कॉर्नर हासिल करके जवाब दिया, लेकिन गोलकीपर मोहित एचएस डटे रहे और आखिरी पीरियड में जाने से पहले भारत की बढ़त बनाए रखी। चौथे क्वार्टर में भारत के पास पेनल्टी कॉर्नर और शिलानंद लकड़ा के लिए ओपन-प्ले मौके के जरिए अपनी बढ़त को दोगुना करने का मौका था, लेकिन जर्मनी ने धीरे-धीरे मैच में वापसी की। 56वें मिनट में बराबरी का गोल हुआ, जब जस्टस वेइगैंड ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया।
जब ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है, जर्मनी को आखिरी सेकंडों में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और जैकब ब्रिला ने 60वें मिनट में निर्णायक गोल करके मैच का पासा पलट दिया और 2-1 से जीत पक्की कर ली। भारत रविवार को अपने अगले मैच में नीदरलैंड्स से भिड़ेगा।

खटीमा के थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री धामी ने किया संबोधित

थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम धामी

आवास, शिक्षा और रोजगार योजनाओं से जनजातीय परिवारों को मिल रहा बड़ा लाभ

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार दे रही आर्थिक और प्रशिक्षण सहायता

‘जनजातीय गौरव दिवस’ से बढ़ा जनजातीय समाज का सम्मान: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

खटीमा के थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री धामी ने किया संबोधित

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जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम धामी

आवास, शिक्षा और रोजगार योजनाओं से जनजातीय परिवारों को मिल रहा बड़ा लाभ

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार दे रही आर्थिक और प्रशिक्षण सहायता

जनजातीय गौरव दिवस’ से बढ़ा जनजातीय समाज का सम्मान: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

SIR के लिए जिलेवार एक्शन प्लान बनाएं जिलाधिकारी- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

कम मैपिंग वाले ईआरओ को होंगे नोटिस जारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली जिलों की समीक्षा बैठक

शहरी क्षेत्रों में बीएलओ के साथ नगर निगम कर्मी होंगे एसआईआर में शामिल

उत्तराखण्ड में अप्रैल माह से सम्भावित SIR

उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए समीक्षा की।

बैठक में कम मैपिंग वाले जनपदों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कड़़ी नाराजगी जताते हुए सम्बंधित ईआरओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एसआईआर का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, लेकिन जनपद देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में मैपिंग की प्रगति कम है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के अधिकारियों,कर्मचारियों की एसआईआर के लिए तैनाती की जाए। उन्होंने बीएलओ की ट्रेनिंग कार्य लगातार चलाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को एसआईआर से पूर्व सभी बूथों पर शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति के लिए राजनैतिक दलों से बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद गणना प्रपत्र के वितरण का पूरा प्लान तैयार कर दें ताकि समय पर फार्म वितरण की प्रक्रिया संपन्न कराई जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव का किया शुभारम्भ

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस

योग केवल व्यायाम ही नहीं समग्र जीवन पद्धति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है।

प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।

इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है।

यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

 

 

प्रदेश के 13 जनपदों में 13 मार्च तक होंगे ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम

 

महिला आयोग आपके द्वार‘ के तहत आयोजित हो रहे है आयोजन

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मीडिया सेंटर, सचिवालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आयोग द्वारा सोशल मीडिया पर महिलाओं से संबंधित घटनाओं और समस्याओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में सामने आए अधिकांश मामलों में संबंधित पक्ष एक-दूसरे के परिचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों के लिए बच्चों की गतिविधियों की निगरानी करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की घटना या समस्या की जानकारी निशुल्क दूरभाष नंबर 112 पर दें। साथ ही गौरा शक्ति ऐप डाउनलोड करने तथा आयोग के दूरभाष नंबर पर संपर्क करने की भी सलाह दी।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग द्वारा पारिवारिक विवादों के समाधान और महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 13 मार्च, 2026 तक ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

निर्धारित कार्यक्रमों के तहत सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार, देहरादून में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 25 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया तथा शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया।

 

 

हरिद्वार: इंदु एन्क्लेव कॉलोनी में महिलाओं ने धूमधाम से मनाई होली, फिल्मी गीतों पर जमकर थिरकी युवतियां

 

हरिद्वार के इंदु एन्क्लेव कॉलोनी में होली का पर्व इस बार बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कॉलोनी की महिलाओं और युवतियों ने टोली बनाकर रंगों के इस पावन त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

होली मिलन कार्यक्रम में फिल्मी गानों की धुन पर युवतियां जमकर थिरकीं और पूरे माहौल को रंगीन बना दिया। ढोल और संगीत की धुनों पर नृत्य करते हुए महिलाओं ने त्योहार की खुशियां साझा कीं।

इस अवसर पर कॉलोनी की महिलाओं ने आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव का संदेश भी दिया। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और मिठाइयां बांटकर त्योहार का आनंद लिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कॉलोनी की महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं। सभी ने मिलकर होली के इस उत्सव को यादगार बना दिया।