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मुख्यमंत्री धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में पहुंची धनराशि
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण के लिए विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक में घर-घर सत्यापन एवं डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की प्रगति समीक्षा

देहरादून: जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशनानुसार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी, अभिनव शाह, ने भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव अभिषेक तिवारी के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के अंतर्गत जनपद में संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण, घर-घर सत्यापन अभियान, निर्वाचक गणना प्रपत्रों के वितरण एवं डिजिटाइजेशन कार्य सहित निर्वाचन तंत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जनपद की सभी 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया गया। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनके सत्यापन एवं पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

अब तक लगभग 98.40 प्रतिशत निर्वाचक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 3.7 लाख से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूर्ण किया जा चुका है।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि डिजिटाइजेशन कार्य को गति देने के लिए विधानसभावार डिजिटाइजेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक बीएलओ को आईटी स्वयंसेवकों एवं सहायक कार्मिकों का सहयोग उपलब्ध कराया गया है। साथ ही बैंकों, तहसीलों तथा अन्य विभागीय संस्थानों को भी डिजिटाइजेशन कार्य में सहयोग हेतु जोड़ा गया है। साथ ही ऑनलाइन कार्यों में अपेक्षाकृत कमजोर बीएलओ के लिए विशेष सहायता टीमों का गठन किया गया है, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जा सके।

बैठक में निर्वाचन तंत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में 1,882 बीएलओ, 210 बीएलओ पर्यवेक्षक, 50 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) तथा 10 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को चरणबद्ध प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, हेल्पडेस्क तथा शहरी आवासीय क्षेत्रों के लिए पृथक नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।

बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ नियमित समन्वय एवं संवाद की भी समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में समय-समय पर आयोजित बैठकों के माध्यम से राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है तथा उनके सुझावों पर भी विचार किया जा रहा है। बीएलए-1 एवं बीएलए-2 की नियुक्ति तथा उनकी भागीदारी की स्थिति से भी आयोग के अधिकारियों को अवगत कराया गया।

बैठक में घर-घर सत्यापन अभियान, निर्वाचक गणना प्रपत्रों के संकलन तथा डिजिटाइजेशन कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अवगत कराया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन एवं गणना प्रपत्र संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा उनके निस्तारण के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को जनपद में पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने तथा कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जनपद के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 10.08 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

देहरादून:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में विकास कार्यों को गति प्रदान करने तथा जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 10.08 करोड़  की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियों का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र में डीडीहाट के अंतर्गत श्री हरिचन्द देवता मंदिर को मास्टर प्लान के तहत विकसित किए जाने हेतु ₹1.42 करोड़, लोहारगांव में आंतरिक संपर्क मार्ग निर्माण हेतु ₹70.87 लाख, खर्कदेश पट्टी स्थित बटकेश्वर मंदिर एवं तीर्थ स्थल के सौन्दर्यीकरण एवं निर्माण कार्य हेतु ₹63.39 लाख के साथ ही विधानसभा क्षेत्र धारचूला के अंतर्गत ग्राम उच्छैदी, नन्दा मंदिर से खोली बन तक पैदल मार्ग निर्माण हेतु     ₹ 81.43 लाख धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अंतर्गत भिकियासैंण स्थित शिव मंदिर के निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए ₹53.51 लाख, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अंतर्गत प्राचीन गोपेश्वर महादेव मंदिर के सौन्दर्यीकरण, घाट निर्माण एवं सुरक्षा चेक डैम निर्माण कार्यों हेतु ₹98.25 लाख, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में 50 हैंडपंप स्थापित किए जाने हेतु ₹42.98 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अंतर्गत जानकी पुल से चौरासी कुटिया तक संपर्क मार्ग को बीटल्स स्ट्रीट के रूप में विकसित किए जाने हेतु ₹85.74 लाख के साथ ही राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में विकासखंड पाबौ के अंतर्गत सांकरसैंण-बरसीला-बगड़ मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण हेतु ₹95.66 लाख तथा बीआरसी कोटली गांव तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु ₹46.19 लाख, कुल ₹1.42 करोड़ की योजना की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत डुंगरीफर्त्याल में शिव मंदिर के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹75.00 लाख, ग्राम पंचायत मोत्यूराज में माँ कर्डाई मंदिर के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹25.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र भीमताल के अंतर्गत ओखलकांडा ब्लॉक के ग्राम सभा कैड़ागांव बुग स्थल तथा धारी के मौनीबाबा आश्रम में एक-एक धर्मशाला निर्माण हेतु ₹87.95 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून स्थित श्री गुरुनानक पब्लिक महिला इंटर कॉलेज, खुड़बुड़ा, की पुताई, पेंट एवं मरम्मत कार्यों के लिए अवशेष धनराशि ₹39.996 लाख की धनराशि  स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास, संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण तथा जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त होगी।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर CSC द्वारा प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन, प्रधानमंत्री कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण

देहरादून:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के सैकड़ों CSC केंद्रों पर योग शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा नागरिकों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य कार्यालय द्वारा सभी जिला प्रबंधकों एवं ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को अपने-अपने क्षेत्रों में योग शिविर आयोजित करने एवं अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योगाभ्यास कराया जाएगा तथा योग के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी जाएगी।

योग दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन एवं सामूहिक योग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी CSC केंद्रों पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस राष्ट्रीय आयोजन से जुड़ सकें। CSC केंद्रों पर बड़ी स्क्रीन एवं डिजिटल माध्यमों से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है।

सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने निकटतम CSC केंद्र पर आयोजित योग शिविर में प्रतिभाग कर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

भाजपा की जनविरोधी नीतियों को परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के माध्यम से जन जन तक पहुँचाएगी कांग्रेसः- प्रीतम सिंह

भाजपा राज में मछलियाँ अंदर मगरमच्छ बाहरः- गणेश गोदियाल
देहरादूनः- शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों को प्रीतम सिंह एवं गणेश गोदियाल ने संयुक्त रूप से संबोधित किया, सर्वप्रथम चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पत्रकारों को आने वाले समय में पार्टी द्वारा आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के बारे में जानकारी साझा की, उन्होंने बताया कि आज जिस तरह महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी से नौजवान परेशान है, महिलायें अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं, प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है, हर नागरिक परेशान है ऐसे में भाजपा की जनविरोधी नीतियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुरुआती दौर में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत पहाड़ी सीटों को चुना है जिसे चार जोन में बाटा गया है जोन एक के प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ विधायक मयूख महर,हरीश धामी, खुशाल सिंह अधिकारी शामिल हैं जोन एक में कार्यक्रम की शुरुवात २८ जून से होगी जो २ जुलाई तक चलेगा इसके तहत विधानसभा चम्पावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, डीडीहाट,धारचूला,गंगोलीहाट, बागेश्वर, कपकोट आदि शामिल है।जोन दो के प्रभारी चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत के साथ सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सिंह सजवान, विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक जीत राम एवं मनोज रावत शामिल है, जोन दो का कार्यक्रम २८ जून से शुरू होकर ७ जुलाई तक चलेगा इसके अंतर्गत यमकेश्वर, कोटद्वार, लैंसडाउन, चैबट्टाखाल,श्रीनगर,पौड़ी, रुद्रप्रयाग केदारनाथ बद्रीनाथ थराली कर्णप्रयाग शामिल है,तीसरे जोन के प्रभारी चुनाव अभियान समिति के प्रीतम सिंह के साथ उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी विधायक विक्रम सिंह नेगी शामिल हैं जोन ३ की शुरुवात २८ जून से शुरू होकर ७ जुलाई को समाप्त होगा इसके तहत पुरोला,यमुनोत्री,गंगोत्री,प्रतापनगर,घनसाली,टिहरी,नरेन्द्रनगर,देवप्रयाग एवं धनौल्टी शामिल हैं, जोन चार के प्रभारी पूर्व अध्यक्ष करन माहरा के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल,विधायक मनोज तिवारी,मदन बिष्ट,सुमित हृयदेश शामिल हैं जोन चार का कार्यक्रम २९ जून से शुरू होकर ९ जुलाई तक चलेगा इसके तहत हल्द्वानी,लालकुआं,कालाढ़ूँगी भीमताल,नैनीताल,रामनगर,जागेश्वर, अल्मोड़ा,सोमेश्वर,द्वाराहाट,रानीखेत, सल्ट शामिल हैं। हर विधानसभा में कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ साथ जनसभा का आयोजन होगा, कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया जाएगा और धरना प्रदर्शन भी शामिल है, उन्होंने बताया कि दो वरिष्ठ नेता हरीश रावत एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य जी किसी भी जोन के किसी भी विधानसभा में सम्मिलित हो सकते हैं।
तत्पश्चात प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बात की उन्होंने बताया कि व्यभिचारी दुराचारी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है आज प्रदेश के हर संसाधन पर ऐसे लोगों का क़ब्ज़ा है जो भाजपा से जुड़े हुए हैं,आज उन्ही लोगों के पास खनन के पट्टे और क्रशर है जो भाजपा को समर्थन देते हैं और जो भाजपा को समर्थन नहीं करते उनके पट्टे छीन लिए जाते हैं, उन्होंने निवेदन किया की जो बातें प्रीतम सिंह जी ने की हैं उन्हें उचित स्थान दिया जाये क्यूँकि प्रदेश को सही गति देने में मीडिया की भी अहम भूमिका है, हम मीडिया के माध्यम से ही सरकार की असलियत जनता के समक्ष ला सकते हैं।
पत्रकार बंधुओं के प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिन छोटी मछलियों को भ्रष्टाचार के मामलों में बलि का बकरा बनाया जा रहा है उन्हें अपनी जुबान खोलनी चाहिये और बड़ी मछलियों का नाम उजागर करना चाहिये। उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट के पास दो ज़िम्मेदारियाँ है और जनता के प्रति जवाब देही है आज जानता पाने सवालों के जवाब के लिए भाजपा के नेताओं को ही घेरेगी ना की विपक्ष को तो इस बात पर धमकी देना कदापि उचित नहीं है। कार्यक्रम अभी पर्वतीय इलाक़ों की विधानसभाओं के लिए तय किया गया है आने वाले समय में मैदानी इलाक़ों के लिए भी रूप रेखा तैयार की जाएगी जिसमे ऊधम सिंह नगर हरिद्वार देहरादून विकास नगर अन्य शामिल होंगे।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, सुनीत राठौड़ आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया: मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ: मुख्यमंत्री धामी
  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों के खातों में पहुंची 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि
  • किसान देश की समृद्धि और खाद्य सुरक्षा के आधार स्तंभ हैं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के लिए डीबीटी के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की किस्त का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण देखा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने पर प्रदेश के सभी अन्नदाता भाई-बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आज देशभर में लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं। यह किसानों के डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सीमाओं पर तैनात जवानों से सुनिश्चित होती है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के परिश्रम से मजबूत होती है। किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई में सहायता दी जा रही है, वहीं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक वर्षा पर निर्भर रहती है।

इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है, जिससे बदलते मौसम के बीच भी खेती को सुरक्षित बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सगंध खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए “महक क्रांति” नीति लागू की गई है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक किसान भाई-बहन के परिश्रम और योगदान का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। किसान राष्ट्र के गौरव हैं और सरकार उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनें।