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देहरादून के कियान सिंघल बने अंडर-7 राज्य शतरंज चैंपियन

देहरादून । देहरादून के होनहार शतरंज खिलाड़ी कियान सिंघल ने रुद्रपुर में आयोजित उत्तराखंड राज्य शतरंज प्रतियोगिता में अंडर-7 राज्य चैंपियन का खिताब जीतकर देहरादून का नाम रोशन किया है।
कियान ने मात्र 5 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर देहरादून के सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में स्थान बनाया था। इसके अलावा, उन्होंने 5½ वर्ष की आयु में देहरादून की पहली एफआईडीई रेटेड शतरंज प्रतियोगिता में 5 अंक हासिल कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया था।
विशेष बात यह है कि देहरादून की पहली एफ आईडीई रेटेड अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में 25 से अधिक राज्यों के खिलाड़ियों के बीच कियान ने अंडर-8 वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया था। उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए उन्हें पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
कियान, अंतरराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी एवं देहरादून के प्रमुख शतरंज प्रशिक्षक विषाल वैदिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्य प्रतियोगिता से पूर्व विषाल वैदिक ने कियान के साथ प्रतिदिन 2 से 3 घंटे विशेष तैयारी कराई, जिसमें ओपनिंग, मिडिलगेम, एंडगेम और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया।
कियान के पिता अभिषेक सिंघल, जो एक व्यवसायी हैं, ने भी अपने पुत्र के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर सहयोग एवं अथक प्रयास किए हैं। उनकी मेहनत और समर्पण कियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राज्य शतरंज प्रतियोगिता में टॉप-5 में स्थान प्राप्त करने वाले 3 खिलाड़ी भी विषाल वैदिक के प्रशिक्षित छात्र थे, जबकि इस वर्ष भी उनके 3 छात्रों ने राज्य प्रतियोगिता में टॉप-10 में स्थान बनाया है। पिछले तीन वर्षों से विषाल वैदिक के प्रशिक्षण में खिलाड़ी लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। कियान की यह सफलता उसी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का एक और उदाहरण है। कियान सिंघल को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम : सीएम

हरिद्वार/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा, संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने संत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है।अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूर्ण किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदीप बत्रा, संतगण एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस पर तेजी से करें कार्य : सीएस

देहरादून :मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गयी।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस पर तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी आवश्यक सर्वे कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग के साथ ही पावर और वाटर सप्लाई से सम्बन्धित कार्यों को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने रोपवे प्रोजेक्ट्स के तहत् पार्किंग, लास्ट माईल कनेक्टिविटी और रोपवे के आसपास व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाने पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। कहा कि हितधारकों से भी लगातार संवाद किया जाए।

बैठक में एनएचएलएमएल के अधिकारियों ने बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का लिडार सर्वे और वीडियोग्राफी का काम पूरा हो गया है। कंसेशनियर ने जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशन के लिए जियो-टेक्निकल सर्वे पूरा हो गया है। टोपोग्राफी सर्वे भी पूरा हो गया है। शुरुआती अलाइनमेंट पूरो कर लिया गया है, फाइनल अलाइनमेंट जून 2026 तक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि रियल साइज़ के कंटेनरों के साथ देहरादून से सोनप्रयाग तक लॉजिस्टिक्स का ड्राई रन पूरा हो गया है। बताया गया कि हेमकुंट साहिब रोपवे के लिए ज़मीन का सर्वे चल रहा है। खराब मौसम की वजह से ड्रोन सर्वे में देरी हुई। आखिरी हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे को फिर से शुरू किया गया।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल एवं एनएचएलएमएल के अधिकारी उपस्थित थे।

रात्रिकालीन कार्यों को मिली सशर्त अनुमति, लापरवाही पर डीएम का सख्त रुख
  • दो दिन के कार्य को छह माह तक लटकाने पडा भारी, डीएम ने सहायक अभियंता को दे दी प्रतिकूल प्रविष्टि
  • निर्धारित समय में कार्य पूर्ण न करने वाली एजेंसियों पर लगेगा भारी जुर्माना
  • जनता की सुविधा सर्वाेपरि, विकास कार्यों में नहीं होगी किसी प्रकार की ढिलाई-डीएम
  • परियोजना समन्वय समिति की अहम बैठक, 14 एजेंसियों के प्रस्तावों की समीक्षा

देहरादून: जनपद में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम जनता की सुविधाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू समेत 14 विभागों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए उच्च प्राथमिकता वाले कुछ कार्यों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कार्य किया जाना है, वहां पूर्व सूचना देकर पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए। मानसून को देखते हुए जिन स्थानों पर सड़क सतह का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चौंबर निर्माण एवं ट्रंक लाइन से इंटरकनेक्शन के मात्र दो-तीन दिन के कार्य के लिए दिसंबर माह से अनुमति लंबित रखने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पीआईयू स्मार्ट सिट के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

डीएम ने विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्ययोजना के लिए सभी सक्षम अधिकारियों का औपचारिक व्हाट्सएप समूह गठित करने के निर्देश दिए, जिससे नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद सुनिश्चित किया जा सके और विभागों के बीच कम्यूनिकेशन गैप को दूर किया जा सके।

उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद समय पर कार्य पूर्ण न करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरसी काटी जाएगी तथा भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की विफलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित एजेंसी तत्काल समन्वय स्थापित कर उसे ठीक कराए। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर एवं मशीनरी लगाकर कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

मानकों से समझौता नहीं, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई करेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। साथ ही कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक एवं साइनबोर्ड लगाए जाएं, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता विक्रम गौतम, गेल के महाप्रबंधक अम्बुज गौतम, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, एडीबी के अधिशासी अभियंता अरुण कांत, यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता जतिन सिंह, एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर, विजेन्द्र तोमर सहित विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया सड़क का शिलान्यास

सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अंतर्गत कठपुड़िया से कलोड़िया (कतूनियां) तक बनने वाले 1.850 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। ₹55.60 लाख की स्वीकृत लागत से बनने वाले इस मार्ग के शिलान्यास अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सड़कें केवल संपर्क का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे किसी भी क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि की जीवन रेखा होती हैं। उन्होंने कहा कि सोमेश्वर की सम्मानित जनता को बेहतर कनेक्टिविटी देना और उनके जीवन को सुगम बनाना उनका मुख्य संकल्प है। इस नए मोटर मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा, आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र में आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में एक आदर्श और सशक्त राज्य बनाने के लिए पूरी तरह काम कर रहे हैं।

विकास कार्यों की इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री ने बंगसर स्थल विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹3.50 लाख और कलोड़िया में बारात घर के निर्माण के लिए ₹3 लाख विधायक निधि से देने की बड़ी घोषणाएं भी कीं। इस कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, महामंत्री नरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मेहरा, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नयाल, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अशोक जलाल, वीरेंद्र चिलवाल, वीरेंद्र, महेंद्र बिष्ट, ललित तिवारी, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, भुवन चंद्र, पान सिंह, नवीन आर्य, विजय भंडारी, जगदीश तिवारी, तारा दत्त, राजू रावत, विपिन, हरीश रौतेला, हरीश बिष्ट, प्रकाश जीना, राजेंद्र जोशी और हीरा सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।